PM Awas Yojana Gramin Survey Registration: प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक नागरिक को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। वर्तमान में इस योजना के लिए एक व्यापक सर्वे की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें नागरिक स्वयं अपने स्मार्टफोन के माध्यम से भाग ले सकते हैं।
योजना का महत्व
यह योजना ग्रामीण विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है। पिछले कई वर्षों से इस योजना के माध्यम से अनेक परिवारों को पक्के मकान का लाभ मिल चुका है। अब नए सर्वे के माध्यम से उन परिवारों की पहचान की जा रही है, जिनके पास अभी भी पक्का मकान नहीं है।
पात्रता मापदंड
योजना के लिए पात्रता कुछ विशिष्ट मानदंडों पर आधारित है। आवेदक के पास कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए। जिन परिवारों के घर की दो दीवारें कच्ची हैं या छत नहीं है, वे भी इस योजना के लिए पात्र हैं। बेघर परिवार इस योजना के प्राथमिक लाभार्थी हैं। आवेदक को आयकर दाता नहीं होना चाहिए।
वित्तीय सहायता का प्रावधान
मैदानी क्षेत्रों में रहने वाले पात्र परिवारों को 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों के निवासियों को 1 लाख 30 हजार रुपये की राशि दी जाती है। यह राशि तीन किस्तों में वितरित की जाती है, जिससे मकान निर्माण का कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
अतिरिक्त लाभ
इस योजना के लाभार्थियों को मकान निर्माण के अलावा अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं। इनमें शौचालय निर्माण के लिए अतिरिक्त राशि, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ, और राशन कार्ड जैसी अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ शामिल है।
सर्वे प्रक्रिया
सर्वे में भाग लेने के लिए नागरिकों को आधिकारिक पोर्टल पर जाकर पंजीकरण करना होता है। इसके लिए विशेष मोबाइल एप्लिकेशन उपलब्ध कराई गई है। आवेदकों को अपने कच्चे मकान की तस्वीरें, आधार कार्ड और जॉब कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होते हैं।
लाभार्थी चयन प्रक्रिया
सर्वे के बाद अधिकारियों द्वारा सभी आवेदनों का सत्यापन किया जाता है। सत्यापन के बाद पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की जाती है, जिसे आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाता है। केवल सूची में शामिल लाभार्थियों को ही योजना का लाभ प्रदान किया जाता है।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। योजना के नियम और शर्तें समय-समय पर बदल सकती हैं। कृपया नवीनतम जानकारी के लिए योजना की आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें। लेख में दी गई जानकारी फरवरी 2025 की स्थिति के अनुसार है और इसमें परिवर्तन संभव है। किसी भी विसंगति की स्थिति में सरकारी दिशा-निर्देश मान्य होंगे।