PM Vishwakarma Toolkit Status: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने 17 सितंबर 2023 को एक महत्वाकांक्षी योजना “पीएम विश्वकर्मा योजना” की शुरुआत की। यह योजना देश के पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों के जीवन में आमूलचूल परिवर्तन लाने का वादा करती है। योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे हुनरमंद व्यक्तियों को आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण प्रदान करके उनकी कला और व्यवसाय को नए आयाम देना है। इस पहल से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रहने वाले पारंपरिक कारीगरों को अपने कौशल को निखारने और अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने का अवसर मिल रहा है।
योजना का उद्देश्य और महत्व
पीएम विश्वकर्मा योजना का प्राथमिक उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को उनकी कला और व्यवसाय में सहायता प्रदान करना है। भारत में हजारों वर्षों से कारीगरी और शिल्पकला की समृद्ध परंपरा रही है, लेकिन आधुनिकीकरण और औद्योगिकीकरण के इस युग में इन पारंपरिक कलाओं का महत्व कम होता जा रहा है। कई हुनरमंद कारीगर उचित प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों और वित्तीय सहायता के अभाव में अपने व्यवसाय को आगे नहीं बढ़ा पाते। इस योजना के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि पारंपरिक कलाओं को संरक्षित किया जाए और साथ ही कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाए।
इस योजना का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को बचाने में मदद करेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी। पारंपरिक कारीगर अक्सर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहते हैं, और उनके व्यवसाय को बढ़ावा देने से स्थानीय अर्थव्यवस्था में वृद्धि होगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
योजना का वित्तीय पहलू
पीएम विश्वकर्मा योजना को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए केंद्र सरकार ने 13,000 करोड़ रुपये का विशाल बजट आवंटित किया है। यह धनराशि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के माध्यम से व्यवस्थित की जा रही है। इतनी बड़ी राशि का आवंटन इस बात का प्रमाण है कि सरकार पारंपरिक कलाओं के संरक्षण और कारीगरों के कल्याण के प्रति कितनी गंभीर है।
इस योजना के अंतर्गत, पात्र लाभार्थियों को 15,000 रुपये तक की राशि टूलकिट ई-वाउचर के रूप में प्रदान की जा रही है। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है, जिससे भ्रष्टाचार की संभावना कम होती है और यह सुनिश्चित होता है कि सहायता राशि सही व्यक्ति तक पहुंचे। इस वाउचर का उपयोग कारीगर अपने व्यवसाय के लिए आवश्यक उपकरण और सामग्री खरीदने के लिए कर सकते हैं।
पात्रता मानदंड
पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ विशिष्ट पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं। सबसे पहले, आवेदक को भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है। देश के बाहर के नागरिक इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं। दूसरी महत्वपूर्ण शर्त यह है कि आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति इस योजना के लिए आवेदन नहीं कर सकते।
इसके अलावा, योजना विशेष रूप से पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए है। इसलिए आवेदक को 18 प्रकार के पारंपरिक व्यवसायों में से किसी एक से जुड़ा होना चाहिए। इन व्यवसायों में बढ़ई, कुम्हार, लोहार, सुनार, मोची, टोकरी बुनकर, माली, धोबी, दर्जी आदि शामिल हैं। साथ ही, आवेदक को 140 से अधिक विश्वकर्मा समुदाय की जातियों में से किसी एक से संबंधित होना भी आवश्यक है।
एक अन्य महत्वपूर्ण शर्त यह है कि आवेदक किसी अन्य सरकारी योजना के तहत पहले से आर्थिक सहायता प्राप्त न कर रहा हो। यदि कोई व्यक्ति पहले से ही किसी अन्य सरकारी योजना से वित्तीय सहायता ले रहा है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगा। यह प्रतिबंध इस बात को सुनिश्चित करता है कि सरकारी संसाधनों का समान और न्यायोचित वितरण हो।
योजना के लाभ और सुविधाएं
पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को कई प्रकार की सुविधाएं और लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण लाभ 15,000 रुपये की टूलकिट ई-वाउचर है, जिसके माध्यम से कारीगर अपने व्यवसाय के लिए आवश्यक औजार और उपकरण खरीद सकते हैं। यह वाउचर उन्हें अपने काम को अधिक कुशलता और दक्षता से करने में मदद करेगा।
इसके अलावा, सरकार द्वारा इस योजना के तहत लाभार्थियों को मुफ्त स्किल ट्रेनिंग भी प्रदान की जा रही है। यह प्रशिक्षण उन्हें अपने कौशल को और निखारने और आधुनिक तकनीकों से परिचित होने में मदद करेगा। प्रशिक्षण के दौरान लाभार्थियों को 500 रुपये प्रति दिन का भत्ता भी दिया जाता है, जिससे उन्हें आर्थिक सहायता मिलती है और वे बिना किसी वित्तीय बोझ के प्रशिक्षण में भाग ले सकते हैं।
योजना का एक अन्य महत्वपूर्ण लाभ यह है कि लाभार्थियों को बिना किसी गारंटी के 3 लाख रुपये तक का लोन भी प्राप्त हो सकता है। यह ऋण उन्हें अपने व्यवसाय को विस्तारित करने, नए उपकरण खरीदने या अपनी कार्यशाला को आधुनिक बनाने में मदद करेगा। इस प्रकार, यह योजना न केवल तात्कालिक सहायता प्रदान करती है बल्कि दीर्घकालिक विकास की भी नींव रखती है।
टूलकिट स्टेटस चेक करने की प्रक्रिया
अगर आपने भी इस योजना के लिए आवेदन किया है और जानना चाहते हैं कि आपको टूलकिट ई-वाउचर मिला है या नहीं, तो आप ऑनलाइन माध्यम से अपना पीएम विश्वकर्मा योजना टूलकिट वाउचर स्टेटस आसानी से चेक कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वेबसाइट के होम पेज पर उपलब्ध “लॉगिन” विकल्प पर क्लिक करें।
क्लिक करने के बाद, एक नया पेज खुलेगा जहां आपको अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) भेजा जाएगा। इस ओटीपी को दर्ज करके आपको लॉगिन करना होगा।
लॉगिन करने के बाद, “टूलकिट स्टेटस” या “ऑर्डर ट्रैकिंग” विकल्प पर क्लिक करें। अब आपको अपना ऑर्डर आईडी या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करना होगा और सबमिट बटन पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आपकी स्क्रीन पर पीएम विश्वकर्मा टूलकिट स्टेटस दिखाई देगा। यहां से आप जान सकते हैं कि आपको 15,000 रुपये की टूलकिट ई-वाउचर प्राप्त हुई है या नहीं।
अगर आपको इस प्रक्रिया में कोई समस्या आती है या आपके मन में कोई सवाल है, तो आप योजना की हेल्पलाइन नंबर या ईमेल सपोर्ट से संपर्क कर सकते हैं। सरकार द्वारा इस योजना के लिए विशेष हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं जहां से आप अपनी सभी शंकाओं का समाधान पा सकते हैं।
योजना का प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं
पीएम विश्वकर्मा योजना ने देश भर के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने शुरू कर दिए हैं। इस योजना के माध्यम से, कई कारीगरों को अपने व्यवसाय को आधुनिक बनाने और अपनी आय बढ़ाने का अवसर मिला है। उन्हें मिलने वाले प्रशिक्षण ने उनके कौशल को निखारा है और उन्हें नई तकनीकों से अवगत कराया है।
भविष्य में, इस योजना का विस्तार और अधिक पारंपरिक व्यवसायों तक किया जा सकता है। साथ ही, सरकार द्वारा कारीगरों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रोत्साहित करने के लिए भी कदम उठाए जा सकते हैं। इससे न केवल कारीगरों की आय बढ़ेगी बल्कि भारतीय पारंपरिक कलाओं को वैश्विक मंच पर पहचान भी मिलेगी।
इस योजना का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह युवा पीढ़ी को पारंपरिक व्यवसायों की ओर आकर्षित करने में मदद कर सकती है। आज के समय में, युवा अक्सर पारंपरिक व्यवसायों को कम आकर्षक और कम लाभदायक मानते हैं। लेकिन इस योजना के माध्यम से, इन व्यवसायों को आधुनिक और लाभदायक बनाया जा सकता है, जिससे युवा इन्हें अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
एससी एसटी ओबीसी स्कॉलरशिप 2025
केंद्र सरकार द्वारा पीएम विश्वकर्मा योजना के अलावा, अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्ति योजना भी चलाई जा रही है। इस छात्रवृत्ति योजना के तहत, पात्र छात्रों को 48,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह छात्रवृत्ति उनकी शिक्षा के खर्च को कम करने और उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने में मदद करती है।
इस छात्रवृत्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है और पात्र छात्रों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करना होता है। छात्रवृत्ति राशि सीधे छात्रों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है और छात्रों को समय पर वित्तीय सहायता मिलती है।
राशन कार्ड ग्रामीण लिस्ट
खाद्य सुरक्षा मंत्रालय द्वारा हाल ही में राशन कार्ड की नई ग्रामीण लिस्ट जारी की गई है। इस लिस्ट में उन परिवारों के नाम शामिल किए गए हैं जो सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले मुफ्त या सब्सिडी वाले राशन के पात्र हैं। यह राशन कार्ड ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके माध्यम से वे सरकारी दुकानों से सस्ते दरों पर खाद्यान्न प्राप्त कर सकते हैं।
इस लिस्ट को चेक करने के लिए, आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं। ऑनलाइन चेक करने के लिए, आपको खाद्य सुरक्षा मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा और वहां दिए गए निर्देशों का पालन करना होगा। ऑफलाइन जानकारी के लिए, आप अपने नजदीकी ग्राम पंचायत कार्यालय या राशन दुकान पर जा सकते हैं।
पीएम विश्वकर्मा योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है जो देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के जीवन में सुधार लाने का प्रयास करती है। 15,000 रुपये की टूलकिट ई-वाउचर, मुफ्त प्रशिक्षण, प्रति दिन का भत्ता और बिना गारंटी के लोन जैसे लाभों के माध्यम से, यह योजना कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनकी कला को संरक्षित करने का प्रयास करती है।
अगर आप एक पारंपरिक कारीगर या शिल्पकार हैं और अभी तक इस योजना का लाभ नहीं उठाया है, तो आपको इसके लिए तुरंत आवेदन करना चाहिए। यह आपके व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और आपकी आर्थिक स्थिति को सुधारने का एक सुनहरा अवसर हो सकता है। और अगर आपने पहले ही आवेदन कर दिया है, तो आप ऑनलाइन अपना टूलकिट स्टेटस चेक कर सकते हैं और यह जान सकते हैं कि आपको लाभ मिला है या नहीं।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है और इसे कानूनी, वित्तीय या अन्य पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों से एकत्रित की गई है और हम इसकी सटीकता या पूर्णता की गारंटी नहीं देते हैं। योजनाओं के नियम, शर्तें और प्रावधान समय-समय पर बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन करने से पहले हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या सरकारी कार्यालयों से ताजा जानकारी प्राप्त करें। हम इस लेख में दी गई जानकारी के उपयोग से होने वाले किसी भी नुकसान या हानि के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।